नई दिल्ली/DM न्यूज़ सर्विस
युद्ध के बैकग्राउंड में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जिससे भारत में इंपोर्ट होने वाला तेल और गैस का बड़ा हिस्सा फंस गया है, जिससे देश में एनर्जी क्राइसिस हो गया है। लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। लोग सिलेंडर के लिए लाइन में लग रहे हैं। इसके बाद भी केंद्र सरकार यह मानने को तैयार नहीं है कि देश में गैस की कमी है। सरकार कह रही है कि देश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। इस पर MP सुप्रिया सुले ने सरकार की आलोचना की है। केंद्र और राज्य सरकारें यह क्यों नहीं मान रही हैं कि महाराष्ट्र समेत पूरे देश में गैस सिलेंडर की कमी है? MP सुप्रिया सुले ने यह सवाल पूछा है।
आज रिपोर्टर्स से बात करते हुए MP सुप्रिया सुले ने कहा कि मैं शनिवार और रविवार को पुणे में थी। मैंने बारामती लोकसभा सीट का भी रिव्यू किया। हर जगह भारी दिक्कतें दिख रही हैं। सरकार असलियत क्यों नहीं मान रही है? देशपांडे नाम का एक ग्रुप है, वे धारी में हनीकॉम्ब बनाते हैं और उन्हें हिंजेवाड़ी की कुछ कंपनियों को भेजते हैं। वहां 50 परसेंट काम रुक गया है। क्योंकि गैस की कमी है। बारामती में भी यही हाल है। बारामती में सभी बिजनेसमैन बिजनेस कर रहे हैं। उस समय कई लोग मुझसे मिले थे। कमर्शियल गैस नहीं मिल रही है। रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं, छोटी इंडस्ट्री बंद हो गई हैं। दौंड और इंदापुर में गैस की कमी से 75 परसेंट वर्कर कम हो गए हैं। सरकार यह क्यों नहीं मानती कि देश में गैस की कमी है? सुप्रिया सुले ने यह सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि यह पॉलिटिक्स करने का समय नहीं है। सभी पार्टियों को एक साथ आकर इस पर कोई रास्ता निकालना चाहिए। केंद्र को ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए। जनता को बताना चाहिए कि असलियत क्या है। अगर कमी है तो एक्शन प्लान क्यों नहीं बनाया जा रहा है? डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर भी वही कह रहे हैं जो उन्हें बताया गया है। भारत में पूरा LPG सिस्टम खराब हो गया है। हम इस मुद्दे पर पार्लियामेंट में चर्चा की मांग कर रहे हैं। बारामती, जलगांव, नागपुर, पुणे, नासिक, मुंबई हर जगह कमी है। महाराष्ट्र और भारत सरकार किसका इंतज़ार कर रही है? वे हमें क्यों नहीं बताते कि देश में कमी है? सुप्रिया सुले ने पूछा।
जिन घरों में महिलाएं कोई काम-धंधा करती हैं, वहां भी उन्हें दिक्कत हो रही है। गैस लाने के लिए पुरुषों या महिलाओं को लाइनों में लगना पड़ता है। मेहनत करने वाली महिलाओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इकॉनमी चरमरा गई है। सुप्रिया सुले ने कहा कि राहुल गांधी ने कमी को लेकर जो मुद्दे उठाए थे, वे अब दो हफ़्ते बाद सच हो रहे हैं।
गल्फ देशों में चल रहे युद्ध के कारण भारत में मिनरल ऑयल और नेचुरल गैस की सप्लाई लगभग रुक गई है। इस कारण महाराष्ट्र समेत पूरे देश में घरेलू गैस, नेचुरल गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी हो रही है। अगर अगले कुछ दिनों तक युद्ध जारी रहा, तो यह स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है। इसी पृष्ठभूमि में, केंद्र सरकार ने पिछले मंगलवार से पूरे देश में एसेंशियल सर्विसेज़ सप्लाई एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है। ताकि पूरे देश में ज़रूरी सामानों की जमाखोरी और कालाबाज़ारी न हो। चर्चा है कि केंद्र सरकार ने यह फैसला खाड़ी देशों में युद्ध के बैकग्राउंड में लिया है। दूसरी ओर, युद्ध की वजह से दुनिया भर में एनर्जी संकट के चलते एहतियात के तौर पर केंद्र सरकार ने पाइप्ड कुकिंग गैस (PNG) कनेक्शन वाले घरों पर सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर रखने या नए सिलेंडर खरीदने पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार ने रेगुलेटरी एजेंसियों को गैस सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए PNG के विस्तार में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है। इससे यह भी संकेत मिल रहा है कि देश में गैस की कमी है।



